घंटों नहीं लौटी बिजली, रात भर जगी भरथना की जनता-बारिश होते ही फेल हुआ सिस्टम, भरथना अंधेरे में डूबा

ब्रजेश पोरवाल-एडीटर &चीफ टाइम्स ऑफ आर्यावर्त 7017774931

भरथना: मंगलवार की रात शुरू हुई बारिश भरथना नगर वासियों के लिए राहत नहीं, बल्कि आफ़त बनकर आई। बारिश शुरू होते ही बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई, जिसके चलते नगर की जनता ने जाग-जागकर पूरी रात गुजारी। तेज उमस और गर्मी में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी बेहाल नजर आए।
रातभर बिजली का अता-पता न होने से नागरिकों में बिजली विभाग के खिलाफ गहरा आक्रोश देखने को मिला। कई लोगों ने बिजली विभाग की लापरवाह कार्यशैली और स्मार्ट मीटर सिस्टम पर सवाल उठाए।

सिस्टम अपग्रेड में खर्च हुए करोड़ों, फिर भी हाल बेहाल
सरकार ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुधारने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर तार और ट्रांसफॉर्मर बदलवाए थे, लेकिन जमीनी हकीकत में कोई बदलाव नहीं हुआ। मामूली बारिश होते ही बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
सुबह की पहली किरण के साथ लोगों में बिजली आने की उम्मीद जगी, लेकिन दोपहर 3 बजे तक आपूर्ति बहाल न होने से लोगों का सब्र टूट गया।

फोन उठाना भी मुनासिब नहीं समझा SDO ने
नगरवासियों की समस्याओं को लेकर भरथना के SDO लव कुमार से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन उठाना जरूरी नहीं समझा, जिससे लोगों में विभाग को लेकर नाराजगी और अधिक बढ़ गई।

स्थानीय नागरिकों की प्रतिक्रियाएं

मोहल्ला कल्याण नगर निवासी छात्र रजत कुमार

“हम जैसे छात्र पहले ही ऑनलाइन क्लास और रिजल्ट के दबाव में हैं। अब बिजली न होने से पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। रातभर लाइट नहीं आई, न तो पंखा चला न मोबाइल चार्ज हो पाया। क्या हमारी पढ़ाई की किसी को चिंता नहीं?”

राजागंज निवासी वरुण कुमार

“हर महीने हजारों रुपये का बिजली बिल आता है, फिर भी मामूली बारिश में सप्लाई ठप हो जाती है। स्मार्ट मीटर लगा दिए गए, लेकिन स्मार्ट व्यवस्था कहीं नज़र नहीं आती। SDO साहब से बात करना चाहा, लेकिन वह फोन तक नहीं उठाते। अगर हम उपभोक्ता हैं, तो हमारी सुनवाई क्यों नहीं होती?”

मोतीगंज निवासी दुकानदार टिंकू पोरवाल

“बिजली न होने से पूरी मार्केट ठप हो गई। फ्रीज़ में रखा सारा सामान खराब हो गया। रोज़ की आमदनी पर सीधा असर पड़ा है। प्रशासन और विभाग केवल मीटिंग करते हैं, लेकिन जमीनी स्थिति पर कोई असर नहीं दिखता। क्या व्यापारी वर्ग की कोई सुनवाई है?”

कल्याण नगर के पूर्व सभासद मनोज गुप्ता ‘मुन्नी

“पिछले कई सालों से हम देख रहे हैं कि हर बार बिजली की व्यवस्था को सुधारने के नाम पर बजट पास होता है, लेकिन नतीजा शून्य रहता है। ट्रांसफॉर्मर बदलने, तार बदलने के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च हो गए लेकिन हालत जस की तस है। SDO और जेई का रवैया बेहद गैरजिम्मेदाराना है। जनता की तकलीफ उन्हें नजर ही नहीं आती।”

मोतीगंज निवासी रत्नेश कुमार

“बिजली न होने से सबसे बड़ी दिक्कत पानी की हुई। टंकी में पानी नहीं चढ़ा, नहाने-पीने तक को पानी नहीं रहा। गर्मी से बच्चे बिलबिला रहे थे और हम बस आसमान की ओर देख रहे थे कि कब बिजली आए। यह हालात किसी आपातकाल से कम नहीं थे। विभाग को जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।”

तीन बजे आई राहत की सांस

कड़ी मशक्कत और लंबा इंतजार झेलने के बाद दोपहर करीब 3 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हुई। उसके बाद ही नगरवासियों ने कुछ राहत की सांस ली, लेकिन विभाग की मनमानी और अघोषित कटौती को लेकर अब भी गहरी नाराजगी बनी हुई है।
नगरवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि भरथना क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को लेकर स्थायी समाधान निकाला जाए।

वहीं बुधवार की देर रात से फिर लाइट का वही आलम नजर आया। देर रात से नगर में विद्युत आपूर्ति बाधित है। नगर की जनता इस उमस भरी गर्मी में त्राहिमाम त्राहिमाम करने को मजबूर है। सुबह आठ बजे तक भी विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। समूचे कस्बे की जनता बिजली विभाग की लापरवाही से परेशान नजर आई।

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