ब्रजेश पोरवाल-एडीटर &चीफ टाइम्स ऑफ आर्यावर्त 7017774931

इटावा 25 अप्रैल से ग्राम खुदी सर में गोरे दाऊजी धाम वृंदावन से पधारे श्री राम जी द्विवेदी महाराज के मुखारविंद से बह रही रस धारा में लाखों भागवत प्रेमियों ने लगाए भक्ति के गोते भागवताचार्य को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने प्रतीक चिन्ह देकर पगड़ी पहनाकर किया सम्मानित।
श्रीमद् भागवत कथा में भागवताचार्य श्री राम जी द्विवेदी महाराज ने प्रभु की बाल लीलाओं का बखान करते हुए कहा कि जब नंद गांव में भगवान कृष्ण जी जन्म की खुशी में हल्दी दूध दही खीर की कींच मचाई है भयौ चंद्रवंश उजियारौ है,मिट गयौ दुखद अँधियारौ है,मिट गयौ दुखद अँधियारौ है,आज जागौ भाग हमारौ है,आज जागौ भाग हमारौ है,मिल्यौ आज जन्म कौ सार,ओ सार,लाला के दर्शन कर आवें,लाला के दर्शन कर आवें जो मिलौ नहीं सुख त्रिभुवन में,जो मिलौ नहीं सुख त्रिभुवन में,वो विखर रह्यौ ब्रज गलियां में,वो विखर रह्यौ ब्रज गलियां में,मच रही लूट ब्रज रसिकन में,मच रही लूट ब्रज रसिकन में,लुट गयौ कुंवर मझधार,कन्हैया जी के जन्मदिन के पश्चात उनके नामकरण के लिए श्री गर्गाचार्य जी को आमंत्रित किया जाता है तो वह कहते हैं मैं इनका नाम कैसे रखूं इनके तो नारायण से भी चार गुण ज्यादा दिखते हैं श्री भागवत आचार्य ने बाललीलाओं का जिक्र करते हुए कहा कि मैया मैं तो चंद्र खिलौना ले हूं।

भागवताचार्य का स्वागत करने वालों में प्रमुख रूप से उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिला वरिष्ठ महामंत्री हरिगोपाल शुक्ला प्रदेश उपाध्यक्ष एवं शहर अध्यक्ष ओमरतन कश्यप युवा जिला अध्यक्ष अजय गुप्ता जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनीत कुमार पांडे जिला उपाध्यक्ष राजीव पाल जिला उपाध्यक्ष बटेश्वरी दयाल प्रजापति युवा शहर अध्यक्ष मुकेश कुमार दुबे जिला संगठन मंत्री रमेश जैन शहर उपाध्यक्ष बच्चू मिश्रा प्रांतीय सदस्य राहुल चौहान युवा शहर उपाध्यक्ष आशीष दत्त तिवारी अमित दुबे शहर उपाध्यक्ष एकलव्य भदोरिया युवा शहर उपाध्यक्ष अमित दुबे भोले युवा शहर संरक्षक प्रमोद कुमार पाठक युवा शहर संगठन मंत्री कपिल पाठक सदस्य सचिन कुमार पीयूष वर्मा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे श्रीमद् भागवत कथा परीक्षित श्रीमती बच्चे डूबे पत्नी श्री नरेश बाबू दुबे श्रीमद् भागवत कथा आयोज जग श्रीमती शैली दुबे श्री अवधेश दुबे ने सभी भगवत प्रेमियों से 2 मई को होने वाले विशाल भंडारा में पहुंचने की अपील की है भागवत कथा को सफल बनाने में सहयोग करने वालों में प्रमुख रूप से सुरेश बाबू दुबे बृजेश कुमार दुबे कुणाल दुबे विनीत दुबे सुनील दुबे कृष्णा मिश्रा आदि प्रमुख रूप से शामिल है।
