ब्रजेश पोरवाल-एडीटर &चीफ टाइम्स ऑफ आर्यावर्त 7017774931
भरथना: किसानों की उम्मीदों पर उस वक्त पानी फिर गया जब आसमान से राहत के बजाय आफत बरसी। क्षेत्र की कृषि उत्पादन मंडी समिति में मक्का बेचने पहुंचे किसानों की हजारों क्विंटल मक्का पहली ही बरसात में भीग गई, जिससे उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। मंडी परिसर में खुले में रखी मक्का को बारिश ने तर कर दिया और अब उसे सुखाना किसानों के लिए एक नई चुनौती बन गई है।
खिरिया गाँव से आए किसान प्रदीप कुमार और संतोष कुमार ने बताया कि वे 15 जून को सात ट्रॉली मक्का लेकर मंडी समिति पहुंचे थे। उनका कहना है कि बारिश ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। मक्का को सुखाने के लिए जैसे ही खुले में फैलाया जाता है, दोबारा बारिश शुरू हो जाती है, जिससे मक्का फिर से भीग जाती है।
“भीगी मक्का कोई नहीं खरीद रहा”
बैसौली घाट गाँव के किसान रमाकांत ने भी अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने बताया कि वह मक्का बेचने मंडी आए थे, लेकिन भीगी हुई मक्का को कोई खरीदने को तैयार नहीं है। आढ़तियों ने खरीदी से साफ इनकार कर दिया है। मंडी समिति में मक्का सुखाने की पर्याप्त जगह नहीं है, जिससे किसानों को और दिक्कत हो रही है। जगह-जगह गड्ढों में पानी भरा है, जिससे मक्का को फैलाने और सुखाने में काफी परेशानी हो रही है।
सरकारी खरीद केंद्रों पर सन्नाटा, किसान परेशान
मंडी समिति के अंतर्गत स्थापित सरकारी खरीद केंद्रों पर भी सन्नाटा पसरा हुआ है। मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2225 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, लेकिन मक्का भीगी होने के कारण खरीद नहीं हो पा रही है। एसएमआई प्रेम सिंह ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के चलते मक्का भीग चुकी है, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मंडी समिति प्रयासरत है, लेकिन संसाधनों की कमी से राहत नहीं मिल पा रही।
चाय-समोसे से काट रहे दिन, जेबें हो चुकी हैं खाली
चार दिनों से मंडी में डेरा जमाए बैठे किसानों की जेबें अब खाली हो चुकी हैं। किसानों ने बताया कि वे मजबूरी में चाय-समोसे से दिन गुजार रहे हैं। ना तो बिक्री हो पा रही है, और ना ही मक्का सुखाने की उचित व्यवस्था है। इस स्थिति ने किसानों को आर्थिक और मानसिक दोनों ही स्तर पर बुरी तरह झकझोर दिया है।
कहां है राहत, कौन देगा सहारा?
ऐसे में सवाल उठता है कि इस मुश्किल घड़ी में किसानों की सुध कौन लेगा? क्या मंडी समिति और जिला प्रशासन इस संकट की घड़ी में कोई राहत योजना लाएंगे? क्या भीगी मक्का के नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा मिलेगा? किसानों को उम्मीद है कि सरकार और प्रशासन इस आपदा को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द राहत पहुंचाएंगे।
