ब्रजेश पोरवाल-एडीटर &चीफ टाइम्स ऑफ आर्यावर्त 7017774931
संसद द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू करनें के लिये वुलाये गये विशेष सत्र के जागरूक महिलाओं ने प्रधानमंत्री को बधाई देते हुये घन्यवाद कहा।
इटावा। सितंबर 2023 संसद द्वारा ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया जाना देश में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण कदम है। इस अधिनियम के तहत लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटों के आरक्षण का प्रावधान किया गया है। अब महिला आरक्षण के प्रभावी कार्यान्वयन को ध्यान में रखते हुए 16 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र बुलाया जा रहा है।
इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी बधाई के पात्र हैं। देश की आजादी को 78 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद महिलाओं को वास्तविक भागीदारी और अधिकार अब सशक्त रूप में मिल रहे हैं, जिसका श्रेय प्रधानमंत्री को जाता है।
यह विचार समाजसेवी प्रोफेसर पदमा त्रिपाठी, डॉ. रजनी रावत, वरिष्ठ एडवोकेट हंसमुखी शंखवार, महिला शिक्षक संघ अध्यक्ष कामना सिंह, व्यापारी नेत्री शोभा गुप्ता एवं एडवोकेट नेहा सिंह ने एक होटल में आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता के दौरान व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि भारत की संसद एक नया इतिहास रचने के करीब हैकृएक ऐसा इतिहास जो अतीत के संकल्पों को साकार करेगा और भविष्य के लक्ष्यों को पूरा करेगा। यह अधिनियम एक समतामूलक भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जहां सामाजिक न्याय केवल नारा न होकर कार्य संस्कृति और निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बनेगा।
उन्होंने आगे कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम पंचायत से लेकर संसद तक सभी स्तरों पर महिलाओं की भागीदारी को सुदृढ़ करेगा और शासन एवं नेतृत्व में उनकी भूमिका को और मजबूत बनाएगा। यह अधिनियम ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में महिला नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका को भी दर्शाता है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आजादी की लड़ाई से लेकर संविधान सभा तक महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही है, लेकिन पिछली सरकारों की अनदेखी के कारण यह बिल लगभग 40 वर्षों से लंबित था, जिसे वर्तमान सरकार ने पारित कर इतिहास रच दिया है।
वक्ताओं ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने वित्त मंत्री से लेकर राष्ट्रपति तक महिलाओं को उच्च पदों पर प्रतिनिधित्व दिलाने का कार्य किया है। आज देश में 14 लाख से अधिक महिलाएं स्थानीय निकायों में कार्यरत हैं, जिसका श्रेय वर्तमान सरकार को जाता है।
इसके अतिरिक्त ‘लखपति दीदी’ और ‘नमो ड्रोन दीदी’ जैसी योजनाओं के माध्यम से लाखों महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रही हैं। हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से महिला सशक्तिकरण का एक अनूठा उदाहरण भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें महिला नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
अंत में उन्होंने कहा कि देशभर की महिलाएं इस ऐतिहासिक ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के लिए प्रधानमंत्री के साथ खड़ी हैं और उनका समर्थन करती हैं।
