ब्रजेश पोरवाल-एडीटर &चीफ टाइम्स ऑफ आर्यावर्त 7017774931
इटावा। नगर पालिका परिषद एवं डूडा द्वारा आयोजित लोक कल्याण मेले के अंतर्गत गुरुवार को स्ट्रीट फूड वेंडर्स के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने दो कार्यशालाओं का आयोजन किया। एक कार्यशाला कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में तथा दूसरी नगर पालिका जसवंतनगर में आयोजित हुई। इसमें 120 से अधिक चाट, मोमोज, फास्ट फूड, डोसा, चाउमीन आदि बेचने वाले ठेले, खोमचे और रेहड़ी संचालकों ने भाग लिया।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने PPT प्रजेंटेशन के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। वेंडर्स को साफ-सफाई रखने, पैकेज्ड फूड के लेबल पढ़ने और समझने, रंग व अखबारी कागज के प्रयोग से बचने जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। इसके अलावा उन्हें सरकार की ओर से उपलब्ध निःशुल्क पंजीकरण सुविधा के बारे में भी बताया गया। अधिकारियों का कहना था कि पंजीकरण कराने से भविष्य की योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। प्रशिक्षण के बाद कई स्ट्रीट फूड वेंडर्स उत्साहित दिखे और बोले कि अगर इसी तरह समय-समय पर जानकारी मिलती रहे तो वे और बेहतर काम कर पाएंगे।
सहायक आयुक्त (खाद्य) राजेश द्विवेदी ने कहा कि डब्ल्यू.एच.ओ. के अनुसार विश्व में करीब 40 प्रतिशत बीमारियां खाद्य जनित हैं। असुरक्षित व रंगीन खाद्य पदार्थों के सेवन से कैंसर और किडनी फेलियर जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। ऐसे में स्ट्रीट फूड वेंडर्स और उपभोक्ता दोनों का जागरूक होना बेहद ज़रूरी है। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से प्रशिक्षण देने वालों में खाद्य सुरक्षा अधिकारी राकेश सकारिया, संदीप सिंह, कपिल गुप्ता और गायत्री मौजूद रहे।
