लव मैरिज,शादी,लव अफेयर ने उजाड़ दिया हंसता खेलता परिवार
इटावा । ऊसराहार थाना क्षेत्र के मोहरी गांव में एक ऐसी दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों की पवित्रता को तार-तार कर दिया। कथावाचक बबली शास्त्री (25) की गला घोंटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई, और इस खौफनाक वारदात का आरोपी कोई और नहीं, बल्कि उसका पति सचिन बाथम (30) निकला। सचिन ने न सिर्फ पत्नी की जान ली, बल्कि खुद को पीड़ित दिखाने के लिए अपने गले पर चाकू से वार कर पुलिस को गुमराह करने की साजिश रची। लेकिन सच का पर्दाफाश हो गया, जब पुलिस ने बंद घर से बबली की लाश बरामद की।
लव मैरिज से शुरू हुआ था सफर, लेकिन प्रेम पर भारी पड़ा शक
बबली और सचिन की कहानी आठ साल पहले शुरू हुई थी, जब दोनों ने कथा-वाचन के दौरान एक-दूसरे का दिल चुराया। बबली की मधुर आवाज और कथावाचन की कला लोगों को मंत्रमुग्ध करती थी, तो सचिन मजीरा बजाकर उसका साथ देता था। दोनों ने लव मैरिज की और दो बच्चों के साथ खुशहाल जिंदगी की शुरुआत की। लेकिन पिछले कुछ समय से सचिन का ध्यान किसी दूसरी महिला की ओर खिंच गया। इस बात को लेकर दंपती में अक्सर तनातनी रहने लगी। 16 मई की रात भी ऐसा ही एक झगड़ा हुआ, जो बबली की जिंदगी की आखिरी रात साबित हुई।
खौफनाक साजिश: हत्या के बाद खुद को बनाया पीड़ित
पुलिस के मुताबिक, 16 मई की रात सचिन ने गुस्से में आकर बबली का गला घोंट दिया। इसके बाद उसने अपने गले पर चाकू से वार कर खुद को घायल कर लिया। सुबह जब परिवार वालों ने सचिन को खून से लथपथ देखा, तो उसने पुलिस को झूठी कहानी सुनाई कि बबली ने उस पर जानलेवा हमला किया और फिर फरार हो गई। परिवार ने भी सचिन का साथ देते हुए यही बात पुलिस को बताई। पुलिस ने शुरुआत में सचिन को पीड़ित मानकर उसे सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में भर्ती कराया। सचिन ने तो हद ही कर दी—उसने कागज पर लिखकर भी बबली को हमलावर बताया।
पुलिस की सतर्कता ने खोला राज, चटाई में लिपटी मिली लाश
लेकिन पुलिस को कुछ गड़बड़ लगा। ऊसराहार थाना प्रभारी बलराम मिश्रा ने मामले की गहराई से जांच शुरू की। 18 मई को जब पुलिस सचिन के घर पहुंची और ताला तोड़ा तो वहां का मंजर रोंगटे खड़े करने वाला था। घर के एक कोने में चटाई में लिपटी बबली की लाश पड़ी थी। यह खुलासा होते ही सचिन की सारी साजिश धरी की धरी रह गई। सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में भर्ती सचिन से जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने आखिरकार अपना गुनाह कबूल कर लिया।
परिवार भी सवालों के घेरे में, बच्चे थाने में
सचिन की मां और भाई जो उसके साथ अस्पताल में थे, इस मामले में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहे। पुलिस को शक है कि परिवार को इस साजिश की भनक हो सकती है। बबली और सचिन के दो मासूम बच्चे फिलहाल ऊसराहार थाने में हैं जिनका भविष्य अब अनिश्चितता के साये में है। ग्रामीणों का कहना है कि दंपती में अक्सर झगड़े होते थे लेकिन किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह विवाद इतना खौफनाक मोड़ लेगा।
पुलिस की कार्रवाई और सवालों का सिलसिला
भरथना के पुलिस उपाधीक्षक अतुल प्रधान ने बताया कि सचिन की हालत अभी गंभीर है लेकिन उसने लिखित रूप में अपनी बात रखी है। पुलिस ने बबली के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और ग्रामीणों व संदिग्धों से पूछताछ जारी है। इस घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं। क्या सचिन की साजिश में और लोग शामिल थे दूसरी महिला कौन थी जिसके चलते यह खूनी खेल रचा गया और सबसे बड़ा सवाल क्या बबली के बच्चों को अब इंसाफ मिलेगा फिलहाल पुलिस की जांच जारी है

