ब्रजेश पोरवाल-एडीटर &चीफ टाइम्स ऑफ आर्यावर्त 7017774931
महेवा
विकास खंड क्षेत्र महेवा में पड़ रही घने कोहरे के साथ तुषार की कड़ाके की सर्दी से गेहूं की फसल को तो लाभ होने की उम्मीद है, लेकिन आलू और सरसों जैसी अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
महेवा विकास खंड के ग्राम बहेड़ा निवासी किसान राजीव चौधरी और संजीव तिवारी सहित अन्य किसानों का कहना है कि यदि अगले दो-तीन हफ्तों तक ऐसी ही सर्दी बनी रहती है, तो गेहूं की बंपर पैदावार हो सकती है। हालांकि, उनका मानना है कि आलू और सरसों की फसलों को भारी नुकसान होने की संभावना है। किसानों के अनुसार, आलू में झुलसा रोग लगने का खतरा बढ़ गया है, जबकि सरसों के फूल झड़ने की आशंका जताई जा रही है। यह स्थिति किसानों के लिए चिंता का
विषय बनी हुई है। वहीं ग्राम अंदावा के गेहूं उत्पादक किसान हरनाम यादव और लालाराम ने भी बताया कि लगातार सर्दी से गेहूं का उत्पादन बढ़ेगा, लेकिन आलू और सरसों की फसलें बर्बाद हो सकती हैं। महेवा क्षेत्र के बड़े आलू उत्पादक किसान अनिल कुमार ने जानकारी दी कि कोहरा और पाला पड़ने से आलू का उत्पादन कम हो जाता है और झुलसा रोग का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि फसल को बचाने के लिए आलू पर छिड़काव करवाया जा रहा है। महेवा गांव के सरसों उत्पादक किसान लला राजपूत और हरिश्चंद्र पाल ने बताया कि शीतलहर और कोहरे का असर सरसों की फसल पर पड रहा है। इससे रोग लगने की आशंका बढ़ गई है, जो सरसों के उत्पादन को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
