इटावा महोत्सव एवं प्रदर्शनी – 2025 में महोत्सव पंडाल में 22 दिसंबर 2025 , सोमवार को सांयकाल 06 बजे से आयोजित होगा ‘लोक रंग ‘ कार्यक्रम

ब्रजेश पोरवाल-एडीटर &चीफ टाइम्स ऑफ आर्यावर्त7017774931

इटावा।भारतीय लोक कला की रचनात्मकता एवं सांस्कृतिक विविधता के विभिन्न आयामों पर केंद्रित लोक रंग कार्यक्रम कला एवं साहित्य की अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती इटावा जिला इकाई एवं जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद इटावा द्वारा 22 दिसम्बर 2025 दिन सोमवार को इटावा महोत्सव एवं प्रदर्शनी के तत्वावधान में संस्कार भारती द्वारा आयोजित कियाजाएगा जिसमें “लोक रंग” थीम के अन्तर्गत सामूहिक लोक नृत्यों की साँस्कृतिक रंगारंग प्रस्तुतियों का आयोजन किया जाएगा जिसमें बुंदेली लोक कलाकारों निशांत सिंह भदौरिया झाँसी ,वंदना कुशवाहा मउरानीपुर एवं ब्रज के लोकगीतों पर आधारित सामूहिक नृत्यों की प्रस्तुति के लिए मथुरा से पूजा उपाध्याय एवं समूह की प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र होगी कार्यक्रम में इटावा जनपद के विभिन्न प्रतिष्ठित विद्यालयों के छात्र – छात्राओं द्वारा भी विभिन्न लोकनृत्यों की मनोहारी प्रस्तुतियाँ की जायेगी , विद्यालयों की प्रस्तुतियों के लिए उन्हें पुरस्कृत किया जायेगा
कार्यक्रम संयोजक कुलदीप अवस्थी अध्यक्ष संस्कार भारती इटावा ने बताया कि भारतीय लोक कलाएँ सिर्फ चित्र या प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, उसकी विविधता, इतिहास और निरंतरता रचनात्मकता का जीवंत प्रमाण हैं, जो शहरीकरण और वैश्वीकरण के बावजूद जीवित हैं और इन्हें संरक्षण की आवश्यकता है. यह विशिष्ट कलाकारों के बजाय आम लोगों द्वारा बनाई जाती है, जो उनके दैनिक एवं सामाजिक जीवन और अनुभवों को दर्शाती है, लोक कला में प्रतीकों का गहरा उपयोग होता है, जो धार्मिक और सामाजिक विषयों को व्यक्त करते हैं, जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद इटावा के सचिव मोहित मनोहर सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लोक कला एवं कलाकारों के लिए किए जा रहे प्रयासों पर जानकारी प्रदान की सह संयोजक डॉ करुणा बंसल, अत्रि दीक्षित कुलदीप कुमार मिश्र, प्रशांत दीक्षित , इन्द्र नारायण पांडेय एवं गोपाल मोहन तिवारी ने बताया कि संस्कार भारती कला एवं साहित्य के विभिन्न आयामों के माध्यम से राष्ट्रीय चरित्र गढ़ने का कार्य करती है। उक्त आयोजन में सभी कला प्रेमियों और कलाकार को आमंत्रित किया गया है। सभी कला साधकों और कला प्रेमियों के सहयोग व स्नेह से ही संस्कार भारती निरंतर अपने उद्देश्य में सफल हो रही है।

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