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एक वर्ष पूर्व क्षतिग्रस्त हुई थी बांके बिहारी मंदिर की गुम्बद, अब होगा नवकलश का स्थापन
भरथना। भरथना तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पाली खुर्द में स्थित सिद्ध पीठ माँ भगवती पालट देवी मैया के दरबार में भक्तों की आस्था का केंद्र बना बांके बिहारी जी का मंदिर इन दिनों एक नई ऊर्जा से पुनर्निर्मित हो रहा है। मंदिर की गुम्बद, जो करीब एक वर्ष पूर्व क्षतिग्रस्त हो गई थी, अब नवकलश स्थापना की प्रक्रिया के साथ फिर से अपने वैभव को प्राप्त करने की ओर अग्रसर है।

बुधवार को मंदिर परिसर में भव्य धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। इस मौके पर इटावा से पधारे प्रख्यात आचार्य राज नारायण शास्त्री के नेतृत्व में पूरे वैदिक विधि-विधान से हवन-पूजन सम्पन्न कराया गया। कलश स्थापना से पूर्व शुद्धिकरण, संकल्प, वैदिक मंत्रोच्चार और विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन हुआ।
हवन-पूजन के उपरांत मंदिर की गुम्बद पर नवीन कलश को स्थापित करने की तैयारी की गई है। कुछ ही दिनों में यह कलश मंदिर की ऊँचाई पर विधिवत स्थापित किया जाएगा। यह कलश न सिर्फ मंदिर की शोभा को बढ़ाएगा, बल्कि आस्था और विश्वास की नई मिसाल भी बनेगा।
देवेन्द्र यादव ने बताया कि मंदिर का निर्माण सन 1990 – 1992 के बीच हुआ था. करीब एक वर्ष पूर्व अचानक किसी करणवश मंदिर की गुम्बद क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिससे मंदिर की गुम्बद पर कलश टूटकर गिर पड़े थे. जिसके बाद से लगातार प्रयास किए जा रहे थे। अब जब नवकलश स्थापना का कार्य प्रारंभ हुआ है, तो ग्रामवासियों में गहरी श्रद्धा और संतोष का भाव देखने को मिल रहा है।
उक्त कार्यक्रम के दौरान मंदिर पुजारी प्रमोद कुमार, सिग्रेश यादव, निर्जर, उत्कर्ष, अजितेश यादव, श्रेय, पार्थ, राम नरेश यादव, दीपक बाथम, सोनू, छोटे नेता आदि भक्तजन शामिल रहे.
