ब्रजेश पोरवाल-एडीटर &चीफ टाइम्स ऑफ आर्यावर्त 7017774931
भरथना: नवीन कृषि उत्पादन मंडी समिति में इस सीजन सरकारी धान खरीद सुस्त बनी हुई है। विपणन विभाग द्वारा स्थापित चारों सरकारी केंद्रों पर अब तक कुल मिलाकर लगभग 600 क्विंटल धान की ही खरीद हो पाई है, जो तय लक्ष्य की तुलना में बेहद कम है। इससे शुरुआती दौर में ही खरीद प्रणाली की गति पर सवाल उठने लगे हैं।

केंद्र प्रभारी प्रेम कुमार, कौशलेन्द्र कुमार और शैलेन्द्र कुमार ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुसार खरीद केंद्रों पर तौल-कांटा, बारदाना, किसानों के बैठने व पानी पीने की व्यवस्था सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके बावजूद किसानों की आवक कम है। उन्होंने कहा कि मानक गुणवत्ता के अनुरूप धान की कमी खरीद का मुख्य कारण है। क्षेत्र में इस बार मोटे धान के बजाय पतले धान का उत्पादन ज्यादा हुआ है, जिसके कारण मंडी में लाया जा रहा धान अधिकांशतः मानक पूरा नहीं कर पा रहा।
वहीं खरीद केंद्रों पर पहुंचे किसान अमर सिंह (खरगपुर), विकास यादव (भैंसाई) और विभोर सिंह (भैंसाई) ने बताया कि वे अपना धान बेचने आए हैं और केंद्र पर किसी तरह की परेशानी नहीं है। फिलहाल, चारों सरकारी केंद्रों पर केवल 600 क्विंटल की ही खरीद दर्ज होना विभाग के लिए चिंता का विषय बना हुआ है, जबकि लक्ष्य इसके मुकाबले कई गुना अधिक है।
