ब्रजेश पोरवाल-एडीटर &चीफ टाइम्स ऑफ आर्यावर्त 7017774931
भरथना: तीन दिन से हो रही लगातार बारिश ने भरथना के लोगों की दिनचर्या बिगाड़ दी है। कभी रुक-रुक कर तो कभी मूसलाधार बरसात ने नगर की गलियों को तालाब बना दिया है। लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है, सड़कों पर सन्नाटा पसरा है और हर कोई बस बारिश थमने का इंतजार कर रहा है।
मूसलाधार बारिश ने लोगों की ज़िंदगी में उथल-पुथल मचा दी है। जहां एक ओर गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर बारिश अब आफ़त बनती जा रही है। नगर के तमाम मोहल्लों, कॉलोनियों और बाज़ारों में भारी जलभराव ने लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित किया है।
बारिश से राहत कम, परेशानी ज्यादा मिली है। जगह-जगह पानी भर गया है, नालियां उफान पर हैं और घरों के सामने कीचड़ और गंदगी का अंबार लग गया है। इससे बीमारियों का खतरा और भी बढ़ गया है।
गंदा पानी और बीमारियों का खतरा, सेहत का रखें ध्यान
भरथना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. सैफ खान ने बताया कि मौसम के अचानक बदले मिजाज से बीमारियां पनपने लगती हैं। खासकर डायरिया, सर्दी-जुकाम, फंगल इन्फेक्शन जैसी तकलीफें बढ़ जाती हैं। उन्होंने सलाह दी कि इस मौसम में उबला और ठंडा किया हुआ पानी ही पिएं, ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ लें और जलभराव से दूरी बनाए रखें।
डॉ. सैफ ने यह भी कहा कि चारों ओर जमा पानी में मच्छर पनप सकते हैं, जिससे डेंगू और मलेरिया का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए लोग अपने घरों और आसपास की सफाई का विशेष ध्यान रखें।
स्थानीय निवासी भी खासे परेशान हैं। दुकानदारों की बिक्री ठप पड़ी है और मोहल्लों में लोग छतों और दरवाजों से पानी बाहर निकालते नजर आ रहे हैं। समय रहते अगर ध्यान नहीं दिया तो यह बारिश सिर्फ असुविधा नहीं, स्वास्थ्य संकट बन सकती है। लोगों से अपील है कि वे सतर्क रहें, साफ-सफाई बनाए रखें और प्रशासन से लगातार मांग करें कि आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि स्थिति और न बिगड़े।
