ब्रजेश पोरवाल-एडीटर &चीफ टाइम्स ऑफ आर्यावर्त 7017774931
भरथना। सोमवार को हुई हल्की बूंदाबांदी ने किसानों और आढ़तियों की चिंता बढ़ा दी। मौसम के अचानक बदले मिजाज से नवीन क्रषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में खुले में रखे धान के ढेर भीगने की आशंका से किसान परेशान हो उठे। जैसे ही बारिश के आसार दिखे, व्यापारी और किसान तेजी से तिरपाल व पन्नियां डालकर अपने अनाज को ढकने में जुट गए।
पिछले कई दिनों से धान की आवक लगातार बढ़ रही है, जिसके चलते मंडी परिसर के अधिकांश हिस्सों में किसानों ने धान की बोरियां और खुले ढेर जमा कर रखे हैं। अचानक हुई बारिश से मंडी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। किसान अपने-अपने ढेरों की ओर दौड़ पड़े और किसी ने पन्नी तो किसी ने तिरपाल डालकर अनाज को भीगने से बचाने की कोशिश की।
किसानों का कहना है कि मौसम पूर्वानुमान को देखते हुए मंडी में स्थायी तिरपाल या शेड की व्यवस्था प्रशासन द्वारा की जानी चाहिए। किसान रघुवीर सिंह (चांदपुर), रामकिशोर (असफपुर) आदि ने कहा कि हर साल इस मौसम में बारिश से अनाज को नुकसान होता है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। उन्होंने मंडी प्रशासन से अपील की कि खराब मौसम में अनाज को सुरक्षित रखने के लिए पक्की व्यवस्था की जाए।
