ब्रजेश पोरवाल-एडीटर &चीफ टाइम्स ऑफ आर्यावर्त 7017774931
अपहरण का लगाया था आरोप, समाजवादी पार्टी ने सरकार पर साधा निशाना

भरथना: थाना क्षेत्र के मूल निवासी नगला अजीत गांव हाल निवासी कस्वा के मोहल्ला ब्रह्म नगर से संदिग्ध हालात में लापता हुआ युवक आखिरकार बलरामपुर में घायल और बेसुध हालत में मिला। परिजनों की तहरीर पर शुरू हुई पुलिस जांच में जहां अपहरण की आशंका जताई गई थी, वहीं अब सामने आया है कि युवक व्यापार में घाटे से अवसादग्रस्त होकर खुद ही घर से निकला था।
28 जून को शीला देवी ने पुलिस को सूचना दी थी कि उनका बेटा मनीष सुबह 8 बजे घर से निकला, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटा। मोबाइल भी बंद आ रहा था। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज करते हुए जांच शुरू की। इसी बीच समाजवादी पार्टी के एक्स हैंडल से ट्वीट कर इसे किडनैपिंग बताते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा गया। ट्वीट में कहा गया —
“महामहिम राष्ट्रपति के प्रदेश में होने के बावजूद किडनैपिंग हो रही है। मनीष की किडनैपिंग व जान से मारने की धमकी बेहद शर्मनाक है। प्रदेश में अपराध चरम पर, मुख्यमंत्री नाकाम।”
पुलिस जांच में मनीष की लोकेशन बलरामपुर में ट्रेस हुई। परिजन व पुलिस टीम वहां पहुँची, तो मनीष घायल हालत में मिला। उसके चेहरे पर चोट के निशान थे और वह बेसुध था। उपचार के बाद मनीष को इटावा लाया गया।
मंगलवार को सीओ सैफई राम गोपाल शर्मा ने बताया कि मनीष खाद-बीज के व्यापार में घाटे से मानसिक तनाव में था। बिना बताए पहली बस से लखनऊ होते हुए बलरामपुर पहुंचा। रास्ते में कमजोरी से कई बार गिरा, जिससे उसे चोटें आईं। मनीष ने किसी भी आपराधिक घटना से इनकार किया है। पुलिस ने उसे सकुशल परिजनों को सौंप दिया है।
