ब्रजेश पोरवाल-एडीटर &चीफ टाइम्स ऑफ आर्यावर्त 7017774931
भरथना। क्षेत्र के बाहरपुर–लहरोई गांव के पास नहर पुल किनारे कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित प्राचीन मेले में इस वर्ष भी पारंपरिक दंगल का रोमांच चरम पर रहा। गुरुवार शाम से शुरू हुई कुश्तियों ने दर्शकों में उत्साह भर दिया। सबसे अधिक मुकाबला देखने को मिला औरैया के अछल्दा निवासी पहलवान राधे और नगला हीरे के पहलवान रजत के बीच। दोनों ने शानदार दांव–पेंचों से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं, मगर आखिर में रजत नगला हीरे ने बाजी मारते हुए जीत हासिल की।
इससे पहले हुई कई रोमांचक कुश्तियों में पहली भिड़ंत बाबू सिंह नगला चिंता और जीतू मैनपुरी के बीच बराबरी पर रही। दूसरी कुश्ती में कुनाल नगला चिंता और भोला पत्तपुरा के बीच भी कड़ा मुकाबला हुआ, जो बराबरी पर खत्म हुआ। तीसरी कुश्ती में दीपांशु रामनगर ने चखरा नगला हीरामन को पछाड़ दिया। इसके अलावा राजा सैफई, सूरज रामनगर, हंसे बगिया (इटावा) और प्रांशु रामनगर समेत अन्य पहलवानों ने भी अपने बेहतरीन दांव-पेंचों का प्रदर्शन किया। कुल मिलाकर एक दर्जन से अधिक कुश्तियां हुईं।
खलीफा सुखवीर सिंह खितौरा और साधौ सिंह पाली ने पूरे दंगल को अनुशासित और नियमानुसार संपन्न कराया। दंगल स्थल पर भारी भीड़ उमड़ी रही, दर्शक बार-बार तालियां बजाकर पहलवानों की हौसलाअफजाई करते रहे।
आयोजन समिति ने विजेता पहलवानों को नकद इनाम देकर सम्मानित किया और सभी प्रतिभागियों को बधाई दी।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में पूर्व प्रधान कोमल सिंह, सुभाष, सरनाम, होतीलाल, कमलेश, आधार, राजेश, लाल, नरेंद्र, अनुराग, सुरेश चंद्र, मुलायम सिंह, सर्वेश, रसल सिंह, शीलू यादव, जयपाल सिंह, मनोज, अवध बिहारी और अरुण की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
