ब्रजेश पोरवाल-एडीटर &चीफ टाइम्स ऑफ आर्यावर्त 7017774931
भरथना: क्षेत्र के गाँव नगला मतन, रतहरी की सड़कों और गलियों की बदहाली अब ग्रामीणों के सब्र का बाँध तोड़ रही है। पूरे गाँव में कई जगह गंदगी के ढेर, कीचड़ और टूटे-फूटे रास्तों ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। नालियों में दिनों-दिन भरता गंदा पानी न सिर्फ बदबू फैला रहा है, बल्कि मच्छरों के पनपने से बीमारियों का खतरा भी तेजी से बढ़ गया है।

ग्रामीणों के मुताबिक बरसात के दिनों में यह स्थिति और अधिक भयावह हो जाती है। पानी भर जाने से गली-मोहल्लों में निकलना तक दूभर हो जाता है। फिसलन भरी सड़कों के कारण अक्सर लोग गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं।
सबसे बड़ी दिक्कत जलनिकासी की प्रणाली को लेकर है। गाँव में नालियाँ जाम पड़ी रहती हैं और पानी बाहर निकलने का कोई उपाय नहीं है। मजबूर होकर ग्रामीणों ने खुद ही नालियों में अलग से पाइप डालकर गंदा पानी बाहर निकालने की अस्थायी व्यवस्था कर रखी है। उनका कहना है कि यह सिर्फ तात्कालिक उपाय है, जबकि मूल समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
गाँव निवासी ठाकुर नारायण सिंह राजावत (मंडल मंत्री, भाजपा), राहुल सिंह राजावत, मोनू सिंह, तेज सिंह, मंगल, राघव सिंह, लालू समेत कई ग्रामीणों ने बताया कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो बीमारी फैलने का खतरा बढ़।
ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़कों की जल्द मरम्मत, नालियों की सफाई, जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था और नियमित सफाई अभियान शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि गांव की स्थिति सुधरने से ही लोगों को राहत मिलेगी।
