ब्रजेश पोरवाल-एडीटर &चीफ टाइम्स ऑफ आर्यावर्त 7017774931
महेवा इटावा
विकासखंड क्षेत्र के कस्बा एवं ग्रामीण अंचलों में कोहरा व गलन सब्जियों के लिए नुकसानदायक बताया जा रहा है रात में पड़ रहे पाले से सब्जी की फसल प्रभावित हो सकती है कृषि रक्षा इकाई के प्रभारी डॉक्टर अक्षय कुमार ने किसानों के लिए सुझाव जारी कर विशेष देखभाल की सलाह दी है कि बड़ी संख्या में महिला व पुरुष किसान नकदी फसल के रूप में सब्जी की खेती से जुड़े हैं थोड़ी सी अनदेखी से नुकसान हो सकता है इन दिनों मटर टमाटर आलू शिमला मिर्च गोभी आदि की फैसले तैयार हो रही है कोहरा व गलन पड़ने से उनके नुकसान का खतरा बढा है पाला का प्रभाव कम करने के लिए खेतों में नमी बनाए रखने के लिए हल्की सिंचाई जरूर करें वही डॉक्टर अक्षय ने बताया कि विकासखंड क्षेत्र में 2000 हेक्टेयर के करीब आलू की फसल का क्षेत्र है। इसके अलावा करीब 500 हेक्टेयर में मटर टमाटर गोभी शिमला मिर्च व मसाला की फसले हैं। खराब मौसम के कारण फसलों की देखभाल जरूरी है पाला ब कोहरे से फसल में झुलसा का प्रभाव होता है पहले पत्तियां किनारे से सिकुड़ती है फिर रंगभूरा होने लगता है। वहीं उन्होंने यह भी बताया कि पिछेती झुलसा रोग के प्रति अत्यंत संवेदनशील है प्रतिकूल मौसम विशेष कर बदली युक्त बूंदाबांदी एवं वातावरण में झुलसा रोग का प्रकोप बहुत तेजी से फैलता है तथा फसल को भारी छटि पहुंचती है झुलसा रोग के प्रकोप से पत्तियां सिरे से झुलसा प्रारंभ होती है जो तीव्रता से फैलती है पत्तियां पर भूरे काले रंग के जलीय धब्बे बनते हैं तथा पत्तियों के निचली सतेह पर रुई की तरह फफूंद दिखाई देती है
