ब्रजेश पोरवाल-एडीटर &चीफ टाइम्स ऑफ आर्यावर्त 7017774931

भरथना: गंगाधर विश्वनाथ धाम, रमायन-भरथना में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के प्रथम दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दोपहर से ही कथा स्थल पर भक्तों का आगमन प्रारम्भ हो गया था। वातावरण “हर हर महादेव” और “बम बम भोले” के जयघोष से भक्तिमय हो उठा।

कथा का शुभारम्भ कथा व्यास बाल ब्रह्मचारी श्री प्रेमानंद जी महाराज ने अपने मुखारविंद से मंगलाचरण, गुरु वंदना और भगवान शिव की स्तुति के साथ किया। कथावाचक ने शिव महापुराण के माहात्म्य का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि यह पुराण वेद रूपी कल्पवृक्ष का पका हुआ अमृतमय फल है, जिसका श्रवण मात्र से मनुष्य के पापों का क्षय होता है और जीवन में शांति, सुख तथा मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।

प्रथम दिवस की कथा में सृष्टि की उत्पत्ति का मनोहारी वर्णन किया गया। ब्रह्मा और विष्णु के मध्य श्रेष्ठता के विवाद तथा उसी समय अनंत ज्योति स्तंभ के रूप में भगवान शिव के प्रकट होने की ‘लिंगोद्भव’ कथा ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कथावाचक ने बताया कि शिव ही आदि हैं, अनादि हैं और संपूर्ण सृष्टि के मूल हैं। शिवलिंग की महिमा बताते हुए उन्होंने कहा कि शिवलिंग की उपासना से मनुष्य को समस्त कष्टों से मुक्ति मिलती है।
कथा के दौरान भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का संदेश भी दिया गया। अहंकार त्याग कर शिव भक्ति में लीन रहने का आह्वान किया गया। श्रद्धालु पूरे समय मंत्रमुग्ध होकर कथा श्रवण करते रहे।
कथा के अंत में आरती एवं प्रसाद वितरण हुआ। आयोजकों ने बताया कि कथा प्रतिदिन दोपहर 1:30 बजे से सायं 5:30 बजे तक चलेगी और क्षेत्र के समस्त श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर पुण्य लाभ लेने की अपील की गई।
