ब्रजेश पोरवाल-एडीटर &चीफ टाइम्स ऑफ आर्यावर्त 7017774931
भ्रष्टाचार के साये में बर्बाद होती योजनाएं, कागज़ों पर हुआ विकास
भरथना: जहां एक ओर सरकार ग्रामीण विकास को लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए अरबों की योजनाएं चला रही है, वहीं दूसरी ओर भरथना ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत सालिमपुर में इन योजनाओं का लाभ कागजों तक ही सीमित रह गया है।
ग्राम सालिमपुर में विकास कार्यों के नाम पर हो रहे वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को उजागर करते हुए गांव निवासी कन्हैया कुमार ने जिलाधिकारी को लिखित शिकायत दी है। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान इन्द्रपाल सिंह व ग्राम पंचायत सचिव की मिलीभगत से फर्जी बिलों के माध्यम से लाखों रुपये का गबन किया गया है।
धरातल पर नहीं दिखा विकास, केवल कागजों में निकला भुगतान
कन्हैया कुमार ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान द्वारा अधिकांश कार्य केवल कागजों में दर्शाए गए हैं, जबकि धरातल पर कोई भी कार्य नहीं हुआ है। फर्जी बिलों के आधार पर धनराशि निकाली गई, जिनमें न तो बिल संख्या है, न तारीख और न ही किसी प्रतिष्ठान का नाम दर्ज है।
उदाहरण के तौर पर रखरखाव के नाम पर हजारों रुपये का बिल लगाया गया, जिसमें कोई वैध विवरण नहीं है। इसी तरह एक खराब पड़े हैंडपंप की मरम्मत के नाम पर भी कई हजार रुपये निकाले गए, जबकि हैंडपंप आज भी खराब पड़ा है।
वित्तीय अधिकार हो चुके थे सीज, फिर भी जारी है गड़बड़ी
पूर्व में ग्राम प्रधान की वित्तीय अनियमितताओं के चलते जिलाधिकारी के आदेशानुसार उसके वित्तीय अधिकार सीज कर दिए गए थे। बावजूद इसके, शिकायतकर्ता का आरोप है कि सरकारी धन का दुरुपयोग अभी भी जारी है।
कन्हैया कुमार का कहना है कि जब तक किसी निष्पक्ष और ईमानदार अधिकारी से इस मामले की जांच नहीं कराई जाती, तब तक भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने सभी कार्यों की जांच कर दोषियों से वसूली की मांग की है।
जनहित में निष्पक्ष जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने यह भी मांग की है कि सालिमपुर ग्राम पंचायत में कराए गए समस्त विकास कार्यों की बारीकी से जांच की जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कितना कार्य वास्तव में हुआ है और कितना सिर्फ फर्जी बिलों में दर्शाया गया है। इस पूरे मामले को लेकर शिकायतकर्ता प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठा हैं। अब देखना यह होगा कि शासन प्रशासन ग्राम पंचायत में व्याप्त इस भ्रष्टाचार पर कब लगाम लगा पायेगा।
क्या बोली ग्राम सचिव
जब हमारे संवाददाता ने ग्राम सचिव अर्चना यादव से फोन लाइन पर बात की तो उनका कहना था कि सभी काम धरातल पर हुए है जिस भी काम के लिए धनराशी निकाली गयी है वह काम वास्तविक रूप में कराया गया है. जितने भी बिल रिकॉर्ड में दर्ज है सभी पर बाकायदा तारिख और बिल संख्या मौजूद है जो कि पूरीतरह वैध है.
क्या बोले ग्राम प्रधान
इस पूरे मामले में ग्राम प्रधान इन्द्रपाल सिंह का कहना है कि व्यक्तिगत द्वेषवश झूठी शिकायतें की जा रही है. ग्राम पंचायत के विकास के लिए जो भी धनराशी निकाली गयी है उनका वास्तविक में उपयोग ग्राम पंचायत के हित में किया गया है. सभी बिल पूरी तरह वैध है.
