ब्रजेश पोरवाल-एडीटर &चीफ टाइम्स ऑफ आर्यावर्त 7017774931
इटावा।इंडिया बुलियन एण्ड ज्वैलर्स एसोसिएशन (इब्जा) इमरजेंसी कमेटी के प्रदेश सह प्रभारी आकाशदीप जैन ने कहा 2026 के आगामी बजट में सर्राफा कारोबारियों की मुख्य मांगें सोने-चांदी पर आयात शुल्क को कम करने, तस्करी रोकने के लिए कड़े नियम, और डिजिटल गोल्ड को बढ़ावा देने के आसपास केंद्रित हैं। ऊंची कीमतों और अवैध व्यापार के कारण उद्योग को राहत के लिए नीतिगत बदलावों की उम्मीद है। सरकार से मुख्य माँग आयात शुल्क में कटौती: 2024 में 15% से घटाकर 6% किए जाने के बाद, अब उद्योग और कम शुल्क की उम्मीद कर रहा है।
तस्करी पर नियंत्रण: सोने की रिकॉर्ड कीमतों के कारण बढ़ रही तस्करी को रोकने के लिए कड़े उपाय और 6% शुल्क संरचना में बदलाव की मांग की जा रही है।
डोरे पर ड्यूटी समानता: घरेलू रिफाइनरियों को बढ़ावा देने के लिए सोने-चांदी के ‘डोरे’ (कच्ची धातु) और परिष्कृत बुलियन के बीच शुल्क अंतर को तर्कसंगत बनाने की मांग है।
डिजिटल गोल्ड और SGB: डिजिटल गोल्ड को बढ़ावा देने और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसी योजनाओं को पुनर्जीवित करने की मांग, ताकि भौतिक सोने की मांग कम हो और निवेश औपचारिक रूप से बढ़े।
आभूषण निर्यात में प्रोत्साहन: उद्योग को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए निर्यात-उन्मुख नीतियां (जैसे कि ड्यूटी में और अधिक रियायतें)।
इन मांगों का उद्देश्य घरेलू बाजार में सर्राफा व्यापार को सरल बनाना, अवैध कारोबार को कम करना और रिफाइनिंग हब के रूप में भारत को मजबूती देना है।
