शादी में आए बारातियों की नीयत हुई खराब, चुरा लीं राम-जानकी की मूर्तियां; पुलिस ने बिछाया ऐसा जाल कि सलाखों के पीछे पहुंचे चोर

महोबा में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। यहाँ एक शादी समारोह में आए तीन युवकों ने मंदिर की प्राचीन मूर्तियों पर हाथ साफ कर दिया था। हैरानी की बात यह है कि पुलिस ने बिना किसी सर्विलांस या एसओजी की मदद के, महज 72 घंटों में न सिर्फ चोरी का खुलासा किया, बल्कि 25-25 हजार के इनामी बदमाशों को गिरफ्तार कर मूर्तियां भी बरामद कर ली हैं।महोबा जनपद से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने पुलिस की कार्यकुशलता और आस्था के प्रति संवेदनशीलता को साबित कर दिया है। मामला अजनार थाना क्षेत्र के पुरवा पनवाड़ी गांव का है, जहां 28 फरवरी की रात वर्षों पुराने राम जानकी मंदिर से मूर्तियां चोरी हो गई थीं। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश और दुख था, क्योंकि यह मंदिर क्षेत्र की आस्था का केंद्र था। पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह के मुताबिक, इस चोरी की साजिश किसी पेशेवर अपराधी ने नहीं, बल्कि एक शादी समारोह में आए तीन नवयुवकों ने रची थी। आरोपी सचिन राजपूत (19 वर्ष), जितेंद्र राजपूत (25 वर्ष) और श्याम सुंदर राजपूत (21 वर्ष), जो चरखारी के बमरारा गांव के रहने वाले हैं, एक विवाह कार्यक्रम में शामिल होने पुरवा पनवाड़ी आए थे। मंदिर में दर्शन के दौरान उनकी नीयत खराब हो गई। उन्हें लगा कि ये मूर्तियां अष्टधातु या सोने की हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों की कीमत होगी। चोरी को अंजाम देने के लिए इन बाहरी युवकों ने गांव के ही दो व्यक्तियों भालू और भगवानदास की मदद ली। स्थानीय मुखबिरों ने मंदिर की सुरक्षा और रास्तों की जानकारी दी, जिसके बदले चोरों ने उन्हें इनाम के तौर पर मूर्तियों के साथ मौजूद दो धनुष दे दिए। पुलिस ने जब संदिग्धों पर नजर रखी और भालू व भगवानदास को हिरासत में लिया, तो पूरी साजिश की परतें खुलती चली गईं।इस खुलासे की सबसे खास बात यह रही कि अजनर थाना पुलिस ने बिना किसी सर्विलांस तकनीक या एसओजी की मदद के, पारंपरिक पुलिसिंग और मुखबिर तंत्र के जरिए आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से श्री राम, माता जानकी और लक्ष्मण जी की पीतल की मूर्तियां, उनके सिंहासन और श्रृंगार के सामान सहित बरामद कर ली हैं। जिनकी बाजारी कीमत ढाई लाख रुपए है। पकड़े गए तीनों युवकों का कोई पुराना आपराधिक इतिहास नहीं है। केवल लालच में आकर उन्होंने अपनी जिंदगी दांव पर लगा दी। एसपी ने इस सराहनीय कार्य के लिए टीम की पीठ थपथपाई है, क्योंकि इन बदमाशों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। फिलहाल, तीनों मुख्य आरोपी और दो मुखबिर अब जेल की सलाखों के पीछे हैं।

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