ब्रजेश पोरवाल-एडीटर &चीफ टाइम्स ऑफ आर्यावर्त 7017774931

( संस्कार भारती के लोकरंग कार्यक्रम के समूह नृत्यों में बच्चों एवं कला साधकों ने बिखेरे संस्कृति और देशभक्ति के रंग)_

इटावा महोत्सव 2025 के महोत्सव पंडाल में संस्कार भारती की इटावा इकाई के द्वारा लोकरंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डोगरा शक्ति वरिष्ठ कोषाधिकारी इटावा, संस्कार भारती के उपाध्यक्ष डॉ. कैलाश चंद्र यादव, डॉ. शैलेन्द्र शर्मा प्राचार्य, भाजपा प्रान्तीय परिषद सदस्या श्रीमती आकांक्षा गुप्ता, संस्कार भारती के प्रान्तीय मंत्री अत्रि दीक्षित , सचिव कुलदीप कुमार मिश्रा कोषाध्यक्ष इन्द्र नारायण पांडेय एवं संयोजक प्रशांत दीक्षित ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित और पुष्पांजलि अर्पित कर एवं अतिथि स्वागत सम्मान कर नारायण कॉलेज के छात्र-छात्राओं द्वारा संस्कार भारती का ध्येय गीत और गणपति वंदना प्रस्तुत कर किया गया, उनकी प्रस्तुति ने उपस्थित जन समूह को सम्मोहित कर दिया

समूह नृत्य प्रस्तुतियों में मंच पर झाँसी से आए प्रख्यात राई नर्तक निशांत सिंह भदौरिया और उनके समूह ने बुंदेलखंड का राई लोक नृत्य प्रस्तुत किया जो अपनी आंचलिक खुशबू और बोलो से सभी को मोह रहा था । मऊरानीपुर से आयी लोक कलाकार वंदना कुशवाहा ने बधाई लोक नृत्य प्रस्तुत किया, तथा उनके समूह द्वारा प्रस्तुत नृत्य सैयां मिले…. पर जब नृत्य किया तो उपस्थित जनसमूह में से उत्साही दर्शक भाव विभोर होकर नृत्य करने लगे। मथुरा से आई पूजा उपाध्याय और उनके समूह ने मथुरा की लोक संस्कृति को दिखाते हुए राधा कृष्ण की अटखेलियां प्रस्तुत की गयी, मथुरा की दीप्ति कुशवाहा का नृत्य सभी को मोह रहा था औऱ बर्फीले मौसम की रात में भी दर्शकों का उत्साह कम नहीं हो रहा था।

कार्यक्रम में राष्ट्र के वीर और वीरांगनाओं पर आधारित देशभक्ति समूह नृत्य अथवा भारतीय पारंपरिक लोक और शास्त्रीय नृत्य आधारित सामूहिक नृत्य प्रतियोगिता का भी आयोजन संस्कार भारती इटावा द्वारा किया गया जिसमें इटावा जनपद के प्रतिष्ठित स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ प्रतिभाग किया।

विद्यालयी कलाकारों के द्वारा अपने देश के प्रति समर्पण और लगन उनकी प्रस्तुतियों में झलक रही थी, जिसे देखकर उपस्थित जनसमूह तालियों के साथ पूरे पंडाल को गुंजायमान कर रहे थे। यह कार्यक्रम जब प्रतियोगिता की ओर पहुंचा तो उसमें सबसे पहले पान कुंवर कॉलेज के कलाकारों ने देशभक्ति गीत पर अद्भुत समूह नृत्य प्रस्तुत करके सभी को हतप्रभ कर दिया। ऊंचे पिरामिड बनाकर उस पर से दुश्मनों पर गोलियां बरसाना, शहीदों का तिरंगे में घर आना और फिर देश के प्रति जवानों का जोशीला समर्पण, गीत के एक-एक अंतरे पर कभी दर्शकों की आंखें नम होती थी तो कभी उत्साह से वो तालियां बजाने लगते थे।
अगली प्रस्तुति संत विवेकानंद की छात्राओं के द्वारा की गई। अपने आकर्षक रंग-बिरंगे परिधानों में सजे कलाकार लय, गति और सफलता के साथ देश के विविध रंगों को उकेरते हुए एक ओर जहां देशभक्ति की भावना को प्रदर्शित कर रहे थे वहीं उनके समूह नृत्य में भारत की समृद्धता और उसकी विरासत की झलक भी दिखाई दी। इसी क्रम में सेंट मेरिज स्कूल की छात्राओं ने गुजरात के गरबा और डांडिया के साथ राजस्थान के कालबेलिया के माध्यम से भारत में विविधता में एकता का संदेश जब मंच से दिया तो सभी अपनी जगह पर खड़े होकर तालियां बजाने लगे। सेवन हिल्स के कलाकारों ने राम कथा के माध्यम से भारत की पौराणिक विरासत को मंच पर साकार कर दिया विशेष कर हनुमंत लाल की सेना और राम जानकी के अयोध्या आगमन पर दीपों से आरती ने सभी को भाव विभोर कर दिया।
समूह नृत्य प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में संस्कृति विभाग की पंजीकृत संयोजिका मयूरी जैन प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय लोक नृत्यांगना वंदना कुशवाहा और प्रख्यात राई लोक नृत्य के निशांत सिंह भदोरिया द्वारा सेंट मेरी इंटर कालेज को प्रथम , संत विवेकानंद सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल इटावा को द्वितीय एवं पान कुँवर इंटरनेशनल स्कूल को तृतीय श्रेणी से विजय घोषित किया गया।
विजेताओं को मुख्य अतिथि एवं राजीव कुमार मिश्रा महामंत्री नीलकंठ मंदिर ट्रस्ट, डॉ शैलेन्द्र शर्मा प्राचार्य , आचार्य महेश तिवारी , मोहित मनोहर सिंह सचिव, जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद एवं कार्यक्रम सह संयोजक डॉ. करुणा बंसल, के साथ विजेताओं को शील्ड प्रदान कर पुरस्कृत किया गया कार्यक्रम में प्रशिक्षक श्रीमती अनीता शर्मा,संदीप यादव ,शिल्पी जैन,प्रशांत यादव एवं फरमान के सराहनीय योगदान के लिए उनको भी स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया, कार्यक्रम का मंत्रमुग्ध संचालन संस्कृति विभाग लखनऊ से पंजीकृत उद्घोषक देश दीपक मिश्रा जी द्वारा किया गया .
संस्कार भारती इटावा के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक कुलदीप अवस्थी ने कार्यक्रम सहयोगी गोपाल मोहन तिवारी, सौरभ सक्सेना एवं संस्कार भारती परिवार के सदस्यों ,उपस्थित गणमान्य नागरिकों , प्रदर्शनी कार्यकारिणी सदस्यों,जिला प्रशासन और पर्यटन एवं संyस्कृति परिषद इटावा तथा देर रात तक कार्यक्रम का आनंद लेते जनमानस का आभार व्यक्त किया कार्यक्रम का समापन वन्देमातरम के गायन से हुआ।
