जितेश शर्मा खुद को बहुत बड़े कप्तान समझ बैठे-एक कप्तान का खराब फैसला कैसे अपनी पूरी जहाज को डुबो देता है

ब्रजेश पोरवाल-एडीटर &चीफ टाइम्स ऑफ आर्यावर्त 7017774931

एक कप्तान का खराब फैसला कैसे अपनी पूरी जहाज को डुबो देता है यह इंडिया A और बांग्लादेश A के बीच खेले गए एसीसी पुरूष एशियाकप राइजिंग स्टार्स 2025 के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में देखने को मिला है। सबसे पहले तो इंडिया A के कप्तान जितेश शर्मा ने टॉस जीतकर इस बड़े मुकाबले में पहले बल्लेबाजी नही चुनी जो एक खराब फैसला था। इसीलिए कहा जाता है कि किसी को भी कप्तानी नही सौंप देनी चाहिए।

दूसरा वैभव सूर्यवंशी जो इंडिया A की पारी की शुरुआत में ही बांग्लादेश A के उसी तेज गेंदबाज की पहली 5 गेंद पर 18 रन ठोंक चुका था जिसने सुपर ओवर में इंडिया A को एक भी रन बनाने नही दिया लेकिन कप्तान जितेश शर्मा ने उसे सुपर ओवर में बल्लेबाजी करने ही नही भेजा। वैभव सूर्यवंशी ने बांग्लादेशी तेज गेंदबाज जिसने सुपर ओवर फेंका था उसी रिपन मंडल की पहली 5 गेंद पर इसी मुकाबले में दो छक्के,एक चौके और एक दो रन के साथ 18 रन जड़ दिए थे। वैभव सूर्यवंशी ने एक ओवर में 19 रन जड़े थे लेकिन अफसोस उनको सुपर ओवर में बल्लेबाजी का मौका नही दिया गया।

जितेश शर्मा खुद को बहुत बड़े कप्तान समझ बैठे और सुपर ओवर में खुद ही बल्लेबाजी करने उतर गए और रिपन मंडल की पहली ही गेंद पर सूर्यकुमार यादव बनने के चक्कर में आड़ा शॉट खेलते हुए बोल्ड होकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद अगली जी गेंद पर आशुतोष शर्मा भी कैच आउट हो गए और इस तरह इंडिया A ने सुपर ओवर में एक भी रन नही बनाया और बाद में बांग्लादेश A ने वाइड के सहारे ही सही लेकिन किसी तरह से सुपर ओवर जीत लिया।

एसीसी पुरूष एशियाकप राइजिंग स्टार्स 2025 के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में बांग्लादेश A ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 194 रन बनाए और जवाब में इंडिया A ने भी किसी तरह गिरते पड़ते इतने ही विकेट खोकर इतने ही ओवर में इतने ही रन बनाए।

मुकाबला टाई हो चुका था इसीलिए सुपर ओवर में अब पहले बल्लेबाजी करने की बारी इंडिया A की थी। इंडिया A के कप्तान जितेश शर्मा ने ओवरकॉन्फिडेंस दिखाया और वैभव सूर्यवंशी और प्रियांश आर्य जिन्होंने मुकाबले में तूफानी बल्लेबाजी करते हुए बांग्लादेशी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दी थी दोनों में से किसी एक को भी सुपर ओवर में बल्लेबाजी करने नही भेजा जबकि जितेश शर्मा खुद और साथ रमनदीप सिंह को लेकर मैदान में उतर गए। हुआ ये कि दो गेंदों पर ही खेल खत्म हो गया और रिपन मंडल हीरो बन गए। वैभव सूर्यवंशी को डगआउट में निराश देखकर हर भारतीय क्रिकेट प्रेमी रो देगा। जितेश शर्मा वो भारतीय कप्तान बन गए हैं जिनकी कप्तानी में एक ही टूर्नामेंट में बांग्लादेश और पाकिस्तान से इंडिया A को हार मिली है। जितेश शर्मा की बेहद शर्मनाक कप्तानी और शर्मनाक फैसले की वजह से सभी भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को ये शर्मनाक दिन देखने को मिला है।

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