ब्रजेश पोरवाल-एडीटर &चीफ टाइम्स ऑफ आर्यावर्त 7017774931
भरथना। थाना क्षेत्र के ग्राम उझियानी निवासी सीता देवी पत्नी नारायण देव ने एक प्रार्थना पत्र के माध्यम से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, इटावा से न्याय की गुहार लगाते हुए चार नामजदों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि उसके साथ उधार के नाम पर धोखाधड़ी कर जमीन हड़प ली गई और विरोध करने पर उसे और उसके पति को जान से मारने की धमकी दी गई।
पीडिता के अनुसार, उसके पति नारायण देव को खेत में समर लगवाने और मकान की मरम्मत के लिए ₹4,50,000 की आवश्यकता थी। गांव के लोगों से उधार न मिलने पर गांव के ही एक नामजद ने कहा कि मेरे रिश्तेदार व उनकी पत्नी रूपया उधार देते हैं। नामजदों के साथ के साथ मिलकर वह एक नामजद से मुलाकात कराने गया।
पीड़िता ने बताया कि इन सभी ने कहा कि रकम तभी मिलेगी जब वह अपनी जमीन एक वर्ष के लिए गिरवी रखेंगे। इस बात पर उसके पति तैयार हो गए, लेकिन आरोपियों की मंशा पहले से ही गलत थी। उन्होंने पति को नशा कराकर तीन बीघा जमीन का बैनामा करा लिया, जबकि वास्तविक रूप से केवल ₹4,35,000 ही उधार दिए। बाकी रकम को आरोपियों ने कागजों में ₹7 लाख रुपये पेश्तर दिखा दिया, जो पूरी तरह झूठा है।
कुछ दिन बाद जब गांव में यह बात फैली कि विपक्षीगणों ने जमीन का बैनामा अपने नाम करा लिया है, तो सीता देवी और उसके पति के पैरों तले जमीन खिसक गई। जब उन्होंने आरोपियों से इस धोखाधड़ी के बारे में बात करनी चाही, तो उन्होंने गालियां देते हुए धमकी दी — “तेरे पति की हत्या कर देंगे और तुझे दर-दर भटकने पर मजबूर कर देंगे।”
सीता देवी ने अपने प्रार्थना पत्र में लिखा है कि वह और उसका परिवार इन लोगों से डरे हुए हैं और किसी भी समय अनहोनी हो सकती है। उसने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, इटावा से गुहार लगाई है कि चारों विपक्षीगणों —के खिलाफ कार्यावाही करते हुए उसे न्याय दिलाया जाए।
