
ब्रजेश पोरवाल-एडीटर &चीफ टाइम्स ऑफ आर्यावर्त 7017774931
इटावा। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल द्वारा गुरुवार को महेरा चुंगी स्थित शक्ति धाम मैरिज होम में व्यापारी जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में व्यापारियों एवं संगठन के पदाधिकारियों ने भाग लिया। संगोष्ठी में जीएसटी से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई और अधिकारियों ने व्यापारियों के हित में महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।

जिला अध्यक्ष संतोष सिंह चौहान ने प्रदेश, जिला, नगर, युवा व महिला पदाधिकारियों सहित सभी कस्बों के व्यापारियों से कार्यक्रम में सहभागिता का आह्वान किया था। संगोष्ठी के दौरान जीएसटी अधिकारियों एवं व्यापारियों के मध्य सीधी वार्ता भी हुई, जिसमें व्यापारियों की जिज्ञासाओं और समस्याओं पर समाधानपरक चर्चा की गई।

कार्यक्रम में बीपी सिंह (जॉइंट कमिश्नर), अरुण सिंह (डिप्टी कमिश्नर), मनीष राय (असिस्टेंट कमिश्नर), विधिक सलाहकार रूपेंद्र चौहान सहित उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिला अध्यक्ष संतोष सिंह चौहान, जिला वरिष्ठ महामंत्री हरि गोपाल शुक्ला, जिला महामंत्री रमेश यादव, जिला उपाध्यक्ष/ जिला मीडिया प्रभारी बृजेश पोरवाल, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष एमपी सिंह तोमर, डॉ ए.के.शर्मा, जिला उपाध्यक्ष अभिषेक दिक्षित, शरद बाजपेई, शैलेंद्र राजावत, जिला मंत्री गिरीश शुक्ला, सोमेश अबस्थी, एसपी सिंह तोमर, जिला संगठन मंत्री अनुराग वर्मा, अवधेश दुबे, महिला जिला अध्यक्ष सुनीता कुशवाहा,युवा जिला अध्यक्ष अजय गुप्ता, कुम्हावर अध्यक्ष डॉक्टर काले खान मंसूरी, सोहेल खान, चित भवन संरक्षक करुणेश मिश्रा, इकदिल अध्यक्ष कृष्णा राजपूत, महिला पदाधिकारी अंजू वर्मा, शारदा देवी, युवा जिला महामंत्री अजहर फरीदी, युवा नगर अध्यक्ष मुकेश दुबे, युवा महामंत्री अनिल यादव, अश्वनी दुबे, आशीष दत्त तिवारी, पीयूष वर्मा, सचिन कुमार, अमित दुबे, अभिलाष सिंह गौर, आकाशदीप सिंह गौर समेत अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।

अधिकारियों ने कहा कि जीएसटी नियमों की सही जानकारी से व्यापारी अनावश्यक परेशानियों से बच सकते हैं और विभाग भी व्यापारियों के सहयोग के लिए तत्पर है। जीएसटी व्यवस्था को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए विभाग निरंतर प्रयासरत है। व्यापारियों को कर नियमों की अद्यतन जानकारी रखना आवश्यक है, जिससे वे किसी भी प्रकार की अनावश्यक कार्यवाही, जुर्माने या तकनीकी त्रुटियों से बच सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग का उद्देश्य व्यापारियों को परेशान करना नहीं, बल्कि उन्हें जागरूक कर स्वैच्छिक अनुपालन के लिए प्रेरित करना है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि यदि किसी व्यापारी को रिटर्न दाखिल करने, ई-वे बिल, पंजीकरण या अन्य कर संबंधी प्रक्रियाओं में कठिनाई आती है तो विभागीय स्तर पर मार्गदर्शन एवं सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने सभी व्यापारियों से अपील की कि वे समयबद्ध तरीके से कर दायित्वों का निर्वहन करें और किसी भी समस्या के समाधान के लिए सीधे विभाग से संपर्क करें।
