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भरथना। सरस्वती शिशु मंदिर मोतीगंज परिसर में रविवार को सकल हिन्दू समाज भरथना के तत्वावधान में ‘विराट हिन्दू सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता रही। कार्यक्रम का उद्देश्य आत्म जागृति, स्वाभिमान, एकता, परस्पर स्नेह, अनुशासन और राष्ट्र चरित्र के संकल्प को मजबूत करना बताया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग बौद्धिक प्रमुख श्री अखिलेश भदौरिया ने समाज में संगठन और संस्कारों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज की शक्ति उसकी एकता, जागरूकता और सांस्कृतिक चेतना में निहित है। जब समाज अपने मूल्यों को पहचानता है, तभी वह सशक्त भविष्य की ओर अग्रसर होता है।
सम्मेलन की अध्यक्षता नरसिंह मंदिर भरथना के महंत नरसीदास जी महाराज ने की। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, अनुशासन और परस्पर सम्मान ही समाज की वास्तविक ताकत हैं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित वृंदावन के रामकथावाचक महाराज श्री सनकादिक जी महाराज ने भी समाज में आध्यात्मिक चेतना और नैतिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।
आयोजकों ने कहा कि यह सम्मेलन समाज को अपनी शक्ति पहचानने और सामूहिक भविष्य की मजबूत नींव रखने का अवसर है। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने एकता, सद्भाव और राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प लिया।
