ब्रजेश पोरवाल-एडीटर &चीफ टाइम्स ऑफ़ आर्यावर्त 7017774931

भरथना। कस्बे के मोहल्ला गली गोदाम स्थित आर्य समाज मंदिर में आयोजित पांच दिवसीय 103वें वार्षिकोत्सव का समापन रविवार को श्रद्धा और वैदिक विधि-विधान के साथ हुआ। अंतिम दिन मंदिर परिसर में 11 कुंडीय यज्ञ का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में आर्य बंधुओं ने भाग लेकर विश्व कल्याण की कामना की।

यज्ञ का संचालन आचार्य वैदिक प्रवक्ता हरिशंकर अग्निहोत्री एवं आचार्य प्रभुवेश की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। यज्ञ में उपस्थित श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आहुतियां अर्पित कीं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक हो उठा।
इस अवसर पर दोनों आचार्यों ने कहा कि यज्ञ वैदिक संस्कृति की महान परंपरा है, जो पर्यावरण को शुद्ध करने के साथ-साथ मानव जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। उन्होंने कहा कि यज्ञ से समाज में सद्भाव, शांति और कल्याण की भावना का विस्तार होता है तथा नियमित यज्ञ करने से वातावरण शुद्ध रहने के साथ लोगों के मन में परोपकार और भाईचारे की भावना बढ़ती है।
कार्यक्रम के समापन पर आयोजन में सहयोग करने वाले लोगों को प्रतीक चिन्ह व पट्टिका पहनाकर स्वागत एवं सम्मानित किया गया।
इस दौरान देवेंद्र भंसाली आर्य, भगवान दास आर्य, सुरेश चंद्र आर्य, मूलचंद्र आर्य, अजय आर्य, अनिल आर्य, अरुण गुप्ता अन्नू, आरती आर्या, राधा देवी आर्या, नंद किशोर आर्य, रामलखन आर्य, राजेश आर्य, मोहन आर्य, सतेंद्र आर्य संजू,रज्जू पोरवाल, राजकमल गुप्ता (राजू),रिंकू गुप्ता, हरिओम पोरवाल सहित कई आर्य बंधु उपस्थित रहे।
