ब्रजेश पोरवाल-एडीटर &चीफ टाइम्स ऑफ आर्यावर्त 7017774931
महेवा जब शिक्षा की यात्रा आस्था, संस्कार और समर्पण के साथ आगे बढ़ती है, तब विद्यालय केवल एक संस्थान नहीं रह जाता, बल्कि भावी पीढ़ी के निर्माण का सशक्त केंद्र बन जाता है। ऐसा ही भावनात्मक और प्रेरणादायक दृश्य अवध इंटरनेशनल एकेडमी में देखने को मिला, जहाँ नवाचार एवं विस्तार कार्यक्रम के अंतर्गत हवन-पूजन का आयोजन किया गया।
वैदिक मंत्रोच्चार और अग्नि की पवित्र आहुति के बीच आयोजित इस हवन-पूजन में विद्यालय की प्रधानाचार्या ज्योति दुल्हानी, निदेशक शेखर त्रिपाठी, चेयरमैन आर. डी. त्रिपाठी, विद्यालय व्यवस्थापक अवधेश दुबे सहित समस्त विद्यालय स्टाफ की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी ने सामूहिक रूप से हवन में आहुति देकर विद्यालय की उन्नति, विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण की कामना की।
हवन-पूजन के उपरांत नवीन व्यवस्थाओं के शुभारंभ अवसर पर लाल फीता काटकर विद्यालय के नए कार्यालय, रिसेप्शन, वेटिंग रूम एवं प्रधानाचार्य कक्ष का विधिवत उद्घाटन किया गया। फीता काटे जाने के साथ ही तालियों की गूंज और उत्साहपूर्ण वातावरण में विद्यालय ने अपने विकास की एक नई मंज़िल की ओर कदम बढ़ाया।
नवीन कार्यालय को आधुनिक एवं सुव्यवस्थित स्वरूप प्रदान किया गया है, जिससे प्रशासनिक कार्य अब और अधिक सुचारु, पारदर्शी व प्रभावी ढंग से संचालित हो सकेंगे। विद्यालय का नया रिसेप्शन कक्ष अभिभावकों के लिए सम्मान, आत्मीयता और विश्वास का प्रथम अनुभव बनकर उभरा है, वहीं अभिभावकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बनाया गया वेटिंग रूम शांत, स्वच्छ और आरामदायक वातावरण प्रदान करता है।
इसके साथ ही नवीन प्रधानाचार्य कक्ष को गरिमामय एवं प्रेरणादायक स्वरूप दिया गया है, जहाँ से विद्यालय की शैक्षणिक नीतियों, योजनाओं और भविष्य की दिशा को और अधिक मजबूती मिलेगी। इन सभी नई व्यवस्थाओं के कारण पूरा विद्यालय परिसर मानो नई रोशनी और सकारात्मक ऊर्जा से जगमगा उठा।
इस अवसर पर प्रधानाचार्या= ज्योति दुल्हानी ने कहा,
“विद्यालय में किया गया हर नवाचार विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने की दिशा में उठाया गया एक सार्थक कदम है। हमारा उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि बच्चों को संस्कार, सुरक्षा और आत्मविश्वास से भरपूर वातावरण प्रदान करना है।”
विद्यालय प्रबंधन ने भी विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल केवल भौतिक विस्तार नहीं, बल्कि शिक्षा को संस्कारों और मूल्यों के साथ आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। कार्यक्रम के समापन पर समस्त स्टाफ ने एकजुट होकर विद्यालय के उज्ज्वल भविष्य की कामना की, जिससे पूरा वातावरण आशा, उत्साह और गर्व से भर उठा।
