ब्रजेश पोरवाल-एडीटर &चीफ टाइम्स ऑफ़ आर्यावर्त 7017774931
भरथना। होली के नजदीक आते ही भरथना व बकेवर और लखना के बाजार रंग-बिरंगे सामानों से सज गए हैं। बाजारों में गुलाल, पिचकारी, रंग, मुखौटे और अन्य होली से जुड़े सामानों की दुकानें पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन दुकानदारों का कहना है कि इस बार अभी तक अपेक्षित बिक्री नहीं हो पा रही है।
मिठाई की दुकानों पर पारंपरिक गुजिया की खुशबू ग्राहकों को आकर्षित कर रही है। खासतौर पर मावा और मेवा से भरी स्पेशल गुजिया की मांग बनी हुई है। इसके अलावा नमकीन, रंग-बिरंगी कचरी और पापड़ की बिक्री में भी धीरे-धीरे तेजी आ रही है। महिलाएं घरों में चिप्स, पापड़ और गुजिया बनाने के लिए मैदा, मावा, सूखे मेवे और मसालों की खरीदारी कर रही हैं।
भरथना सब्जी मंडी में दिनेश वर्मा के साथ अन्य व्यापारियों ने बताया पिछले वर्षों के की तुलना में इस वर्ष त्योहार को देखते हुए बिक्री में काफी कमी है आई है, बाजार में होली के सामानों की बिक्री न के बराबर है
बकेवर चौराहे पर दुकान संचालित करने वाली प्रीती पोरवाल के अनुसार, “पिछले वर्षों की तुलना में इस बार रंगों और गुलाल की मांग कुछ कम नजर आ रही है। अभी बाजार में वैसी भीड़ नहीं है, जैसी आमतौर पर होली से पहले देखने को मिलती थी।”
हालांकि कपड़ों, सजावटी सामान, जूते-चप्पलों और बच्चों के परिधानों की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही शुरू हो गई है। व्यापारियों को उम्मीद है कि जैसे-जैसे होली का पर्व नजदीक आएगा, बाजार में रौनक और बिक्री दोनों बढ़ेंगी।
त्योहार की दस्तक के साथ ही पूरे क्षेत्र में रंगोत्सव का उल्लास दिखाई देने लगा है और बाजार होली के रंग में रंग चुके हैं।
